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ऑक्सीमीटर नहीं है तो आज ही ले आएं


Agra:

कोरोना बहुत तेजी से फैल रहा है। फैलने की गति इतनी तेज है कि मरीजों की संख्या के अनुपात में अस्पतालों में बेड नहीं हैं। इसके साथ वायरल भी तेजी से फैल रहा है। खांसी, जुकाम या बुखार होने पर कैसे अनुमान लगाया जाए कि यह वायरल है या कोविड के आरंभिक लक्षण। बुखार से ग्रसित व्यक्ति वायरल या मलेरिया समझकर ओवर द काउंटर दवा लेकर अपना इलाज करता रहता है। जब स्थिति खराब होती है तब पता चलता है कि कोविड है, लेकिन तब तक फेंफड़ों में संक्रमण फैल चुका होता है। ऐसी स्थिति में रोग को नियंत्रित करने में काफी परेशानी आती है।

कैसे पता करें कि वायरल या आम मौसमी बुखार है या कोविड। इस बारे में पूछे जाने पर क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. रनवीर त्यागी ने बताया कि हर घर में बुखार को नापने का थर्मामीटर मिल जाता है। कोरोना के इस दौर में जरूरत हर घर में ऑक्सीमीटर की है। उंगली पर लगाया जाने वाला यह उपकरण बहुत महंगा नहीं आता। जरूरी है कि ऑक्सीमीटर घर पर रखा जाए। आम खांसी जुकाम या वायरल में ऑक्सीजन का लेबल नहीं गिरता जबकि कोरोना में ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है। यदि ऑक्सीजन का लेबल 94  से कम आए तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

थर्मामीटर की तरह घर में ऐसे जानें वायरल है या कोविड के आरंभिक लक्षण?

दूसरा तरीका आधा मिनट तक सांस रोकने का है। यदि लंबी सांस लेकर रोकी जाए और आधा मिनट तक खांसी न आए तो समझिए कि आपको कोरोना का संक्रमण नहीं है। कोरोना का संक्रमण होने पर व्यक्ति तीस सेकेंड भी सांस नहीं रोक पाता। एक अन्य तरीका छह मिनट तक वाक करने के बाद ऑक्सीजन का स्तर ऑक्सीमीटर से लें। छह मिनट तक वाक करने के बाद यदि ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम हो रहा है, तो भी कोविड का लक्षण मानते हुए चिकित्सक की सलाह जरूरी है। डॉ. त्यागी के अनुसार एक अन्य तरीका बिना कोविड की जांच कराए खून की सीबीसी और सीआरपी जांच कराने का है। बुखार के पहले दिन और चौथे दिन खून की सीबीसी ओर सीआरपी जांच कराएं। इन जांचों से भी कोरोना का पता आरंभिक अवस्था मे चल सकता है। यदि किसी का ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम आ रहा है तथा प्रारंभिक चिकित्सा के रूप में मरीज को पेट के बल उल्टा लिटा दें। उल्टा लेटने से भी ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है। स्तर बढ़ने पर किसी चिकित्सक की सलाह लें।

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