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मुख्तार को पता चल गया जेल क्या होती है!


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Agra: आज तड़के 4:34 बजे बांदा जेल में एंट्री के साथ बैरक नंबर 16 है माफिया का नया ठिकानाउसके अब तक के जेल सफर एशो-आराम भरे रहे हैं, पहली बार तन्हाई में समय गुजारना होगा पंजाब की रोपड़ जेल में पिछले दो साल से बंद मुख्तार अंसारी को लेकर यूपी पुलिस आज सुबह 4.34 मिनट पर बांदा जेल पहुंची। बांदा जेल पहुंचने पर मुख्तार अंसारी की सारी कागजी कार्यवाही पूरी कर उसकी मेडिकल जांच कराई गई। पहले तो मुख्तार को सामान्य बैरक में रखा गया था, लेकिन बाद में उसे जेल के अंदर बैरक नंबर 16 में शिफ्ट किया गया। बैरक नंबर 16 में पहुंचने के बाद मुख्तार अंसारी को पहली बार यह अहसास हुआ कि जेल क्या होती है। इसके पहले तो वह जब भी जेल में रहा, वहां उसे हर तरह की सुख सुविधाएं मिलती थीं। मुख्तार की बैरक में रोशनी, पीने के पानी के अलावा होगी तो सिर्फ तन्हाई। बांदा जिला जेल की निगरानी ड्रोन कैमरे से हो रही है। बैरक नंबर 16 को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया गया है ताकि माफिया की हर हरकत पर नजर रखी जा सके। आज सुबह 10 बजे मुख्तार अंसारी की कोरोना जांच कराई गई थी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक इसकी रिपोर्ट नहीं आई थी। मुख्तार को बेहद कड़ी सुरक्षा में रोपड़ से बांदा तक लाया गया। इस माफिया डॉन को उसके अंजाम तक पहुंचाने को लेकर खुद मुख्यमंत्री कितने गंभीर थे, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्तार को लेकर पुलिस टीम जब तक बांदा जेल नहीं पहुंच गई, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पल-पल की जानकारी लेते रहे। सुबह मुख्तार के बांदा जेल पहुंचने के बाद अफसरों ने इसकी जानकारी मुख्यमंत्री को दी। सुबह की चाय से मुख्तार ने किया इनकारआज सुबह बैरक नंबर 16 में जब मुख्तार अंसारी को चाय दी गई तो उसने लेने से इनकार कर दिया। इसकी वजह क्या रही, इस बारे में नहीं बताया गया। हालांकि समझा जाता है कि बैरक की स्थिति को देख मुख्तार खुश नहीं था। जेल के अफसरों ने बताया कि उसे बाद में चाय और नाश्ता दिया जाएगा। मुख्तार से मिलने की किसी को इजाजत नहीं है। उसे पूरी तरह से एकांत में रखा गया है।मुख्तार को पहनाया गया था बुलेटप्रूफ जैकेटमुख्तार अंसारी को जब पंजाब से यूपी लाया जा रहा था तो उसके ऊपर हमले की आशंका जताई गई थी। इसलिए रास्ते में पड़ने वाले सभी जिलों को अलर्ट पर रखा गया था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाया गया था और मुख्तार अंसारी को भी बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाया गया था। 14 घंटे का सफर तय कर बांदा पहुंचा काफिला। दोपहर 2.07 बजे रोपड़ से रवाना हुई टीम तड़के बांदा पहुंच गई। इस काफिले में 150 पुलिस कर्मी थे। The post मुख्तार को पता चल गया जेल क्या होती है! appeared first on नये समीकरण.