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लाये जा सकते है आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से शिक्षा में क्रांतिकारी परिवर्तन- डॉ जी एस चौहान


Agra:

खबर सी पी सिंह

आगरा । प्रोफेसर आर के उपाध्याय निर्देशक हिंदुस्तान कॉलेज आँफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी  के .जी.एस. चौहान डायरेक्ट एच.आर. शारदा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट आगरा में मांँ शारदे के समक्ष दीप जलाकर और माल्यार्पण करके एवं अपने प्रेरणादाई भाषण के द्वारा उद्घाटन किया ।
कार्यशाला का आयोजन पं0 मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एंड टीचिंग स्कीम एवं दयालबाग एजुकेशन इंस्टीट्यूट आगरा के सहयोग से किया गया । कालेज निदेशक पी.के. सिंह ने कार्यशाला में आए हुए सभी अतिथियों विशेषज्ञो, शिक्षकगण एवं छात्र अध्यापकों का स्वागत अपने प्रभावी भाषण से किया ।

आनंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन कीथम में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

सभी को मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से शिक्षा में क्रांतिकारी परिवर्तन लाए जा सकते हैं, जो छात्रो के लिए विशेष उपयोगी साबित होंगे । इसकी सहायता से प्रशासन की दक्षता को भी बढ़ाने में सहायता प्राप्त होगी । इसलिए बदलते परिवेश में यह शिक्षा के लिए अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है । मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रो मनु प्रताप सिंह डॉक्टर बी आर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर की वह शाखा है जिसके माध्यम से उत्तम तरीके से बुद्धि को विकसित किया जा सकता है तथा उसका उपयोग मानव की प्राकृतिक बुद्धि की तरह किया जा सकता है । दुनिया तकनीकी के माध्यम से तेजी से बदल रही है । विकास को गति देने वह बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो रहा है।

कार्यशाला कन्वीनर डॉ0 नेहा जैन ने कार्यशाला के उद्देश्यों को समझाया और कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीनों की सोचने, समझने, सीखने, समस्या हल करने और निर्णय लेने जैसी क्षमताओं को विकसित करता है । कार्यशाला को कन्वीनर डॉ नीतू सिंह ने शिक्षा मे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के किस प्रकार प्रभावी रूप से उपयोग किए जा सकते हैं । उस पर विस्तार से चर्चा की, इनका सत्र काफी इंटरएक्टिव रहा क्योंकि सेहभागियो को करके सीखने पर बल दिया गया । कार्यशाला विशेषज्ञ सुश्री आयुषी शर्मा ने शिक्षण में मशीनों से सीखने के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से रोबोटिक सिस्टम बनाया जाता है जिसे तर्कों के आधार पर संचालित करने का प्रयास किया जाता है । जिसके अनुसार व्यक्ति का मस्तिष्क कार्य करता है । यह पूर्णत प्रतिक्रियात्मक सीमित स्मृति, मस्तिष्क सिद्धांत एवं आत्म चिंतन जैसी अवधारणाओं पर कार्य करता है । शिक्षा में मशीन द्वारा सीखने, याद करने और सुरक्षित रखने के तरीकों को भी समझाया गया । कार्यषालाइन निम्न लोग उपस्थित रहे। धर्म सिंह कुलसचिव, आनंद इंजीनियरिंग कॉलेज , मनीष गुप्ता, कुलसचिव, एस0 जी0 आई0 डॉ0 गिरीश कुमार, निकिता बंसल, भावना अग्रे, अल्का मिश्रा, उषा सिंह, संदीप अग्रवाल, कपिल जैन आदि मौजूद रहे । कार्यशाला में लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया । कार्यशाला को पूर्ण करने के उपरांत प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे । कार्यशाला का संचालन कालेज प्रवक्ता डॉ0 विशेष राजपूत ने किया ।

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