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वैक्सीन के लिए होने लगी तैयारी


Agra:

सीएमओ ने तलब की सभी अस्पतालों व चिकित्सकों से स्टाफ की जानकारी

आगरा। कोरोना की वैक्सीन अभी भले ही आम आदमी की पहुंच से दूर हो, सरकार ने वैक्सीनेशन की तैयारियां व्यापक स्तर पर शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग की योजना विभाग से जुड़े स्वास्थ्यकर्मी तथा प्राइवेट अस्पतालों में काम कर रहे पैरा मेडिकल स्टाफ को वैक्सीन आने से पहले उन्हें प्रशिक्षित करने की है ताकि वैक्सीन आते ही उसके लगाने का काम शुरू हो सके। इस संबंध में सीएमओ कार्यालय से सभी प्राइवेट अस्पतालों तथा चिकित्सकों से उनके स्टाफ की जानकारी मांगी गई है।

गौरतलब है कि विभिन्न कंपनियों की वैक्सीन अभी ट्राइल के दौर में है। किसी वैक्सीन का ट्रायल तीसरे चरण तो किसी वैक्सीन का ट्रायल दूसरे चरण में है। तय है कि अगले वर्ष किसी न किसी कंपनी की वैक्सीन आ जाएगी। केंद्र तथा प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। लगभग सभी जिलों में वैक्सीन के भंडारण के लिए स्टोर बनाए जाने हैं।

यह सभी स्टोर इस प्रकार के होंगे ताकि वैक्सीन को माइनस से कम तापमान में सुरक्षित रखा जा सके। विभिन्न एअरपोर्ट पर भंडारण के लिए भी कोल्ड स्टोर बनाए जा रहे हैं ताकि किसी भी कीमत पर वैक्सीन की कोल्ड चेन न टूट सके । देश की जनसंख्या को देखते हुए वैक्सीनेटर की एक फौज की आवश्यकता होगी जो हर गांव-गली तक वेक्सीन को लगा सकें।

हालांकि सरकार के पास एएनएम, आशा कार्यकर्ती की बड़ी संख्या है, इसके बावजूद यह संख्या बल पर्याप्त नहीं है। शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय द्वारा शहर के सभी प्राइवेट अस्पताल तथा चिकित्सकों से उनके पैरा मेडिकल स्टाफ की जानकारी मांगी गई है। सभी अस्पतालों तथा चिकित्सकों से पूछा गया है कि वे अपने यहां से कितना स्टाफ वैक्सीनेटर के रूप में सरकार को मुहैया करा सकते हैं। चूंकि वैक्सीन सबसे पहले प्रभावित मरीजों को तथा उसके बाद स्वास्थ्य सेवा से जुड़े स्टाफ को लगायी जानी है, इसलिए जिला प्रशासन द्वारा एक डाटा बैंक तैयार किया जा रहा है ताकि पता चल सके कि कितने लोग शहर में स्वास्थ्य सेवाओं से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। सीएमओ कार्यालय से निर्देशित किया गया है कि सभी प्राइवेट अस्पताल व चिकित्सक  अपने यहां कार्यरत पैरा मेडिकल स्टाफ के नाम, पता तथा फोन नंबर के साथ उनकी आईडी भी स्वास्थ्य विभाग को मुहैया करा दें। चिकित्सकों से कहा गया है कि आधार कार्ड को छोड़कर कोई दूसरी आईडी उपलब्ध कराएं। आधार कार्ड को आईडी न माने जाने को लेकर चिकित्सक परेशान हैं। उनके सभी स्टाफ के पास आधार कार्ड तो हैं किंतु सभी स्टाफ के पास पैन कार्ड अथवा वोटर कार्ड नहीं है।