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सुरक्षित सफर के लिए ‘यमुना साथी’


Agra:
  • यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण दे रहा सुरक्षा उपायों पर जोर
  • हाईवे साथी अब यमुना साथी हुआ, आज ही करें इंस्टॉल

यमुना एक्सप्रेस-वे पर होने वाले हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा उपायों पर जोर दिया जा रहा है। इन्हीं उपायों में से एक यमुना साथी भी है। अगर आपको अब तक इस एप के बारे में जानकारी नहीं है तो हम बताते हैं। अभी यह एप यमुना एक्सप्रेस वे पर सफर करते वक्त आपको सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि भविष्य में यह भी संभव है कि एप के बिना बाहन चालकों को यमुना एक्सप्रेस वे पर चढ़ने की अनुमति ही न दी जाए।

यमुना एक्सप्रेस-वे की निगरानी यमुना प्राधिकरण करता है, जबकि इसका संचालन एक कंपनी के पास है। एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा उपायों के लिए यमुना प्राधिकरण समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करता रहता है। अब प्राधिकरण एक्सप्रेस-वे पर आने से पहले वाहन चालकों को अपने मोबाइल फोन में ‘यमुना साथी’ ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य बनाने जा रहा है। बता दें कि कुछ समय पहले प्राधिकरण ने एक्सप्रेस वे पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने, घायलों को जल्द से जल्द मदद पहुंचाने सहित तमाम सुरक्षा उपायों और सहूलियतों के लिए हाईवे साथी नाम से एप लांच किया था, लेकिन काफी प्रयासों और प्रचार-प्रसार के बाद भी लोगों ने इसे मोबाइल में डाउनलोड नहीं किया। वर्तमान में बड़ी संख्या में लोग यमुना एक्सप्रेस वे से सफर करते हैं, लेकिन उनके मोबाइल में भी यह एप नहीं होता, जबकि यह एप बहुत ही काम का है। आकस्मिक स्थिति में इस एप के जरिए प्राधिकरण के कंट्रोल रूम और पेट्रोलिंग वाहनों तक सूचना पहुंच जाती है और वे मदद के लिए  शीघ्र पहुंच जाते हैं। अब इस एप को यमुना साथी के नाम से री-लॉन्च किया गया है।

घटना-दुर्घटना पर तुरंत मिल सकती है सहायता
इस एप
के जरिए कोई घटना-दुर्घटना होने पर तुरंत सहायता मिल सकेगी, इसलिए इसे जरूरी किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, आगरा व ग्रेटर नोएडा में जीरो प्वॉइंट पर बूथ बनाए जाएंगे। यहां पर वाहन चालकों के मोबाइल पर इस ऐप को देखा जाएगा। ऐप डाउनलोड होने पर ही वाहन चालक को यमुना एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने दिया जाएगा। प्राधिकरण और एक्सप्रेस-वे का संचालन करने वाली कंपनी ने 2017 में इस ऐप को लॉन्च किया था। अब इसका नाम बदलकर यमुना साथी कर दिया गया है। अधिक से अधिक लोगों को यह जानकारी हो इसके प्रयास और प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।

ये हैं फायदे
यमुना एक्सप्रेस
वे अथॉरिटी के मुताबिक एक्सप्रेस वे पर सफर करते समय ‘यमुना साथी’ एप के जरिए मोबाइल सीधे सर्वर से जुड़ जाता है। कंट्रोल रूम इसे मॉनीटर कर सकता है। वाहन चालक का मोबाइल नंबर और गाड़ी का नंबर भी सर्वर से जुड़ जाता है। अगर कोई हादसा होता है तो सबसे नजदीक वाली एम्बुलेंस, क्रेन, पुलिस पहुंच जाती है। जल्द अस्पताल, दवा की दुकान और पुलिस स्टेशन पहुंचाया जा सकता है।

वाहन में खराबी आ जाए तो भी सहायक
इतना
ही नहीं, एक्सप्रेस वे पर यात्री के वाहन में अगर कोई कमी आ जाए, वह खराब हो जाए तब भी यह एप सहायक है। आप जानकारी देंगे तो यमुना एक्सप्रेस-वे के कर्मचारी तुरंत उस वाहन को हटाकर एक ओर कर देंगे। कई बार खराब वाहनों की वजह से हादसे हो जाते हैं।

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