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हाड़ कांप जाएंगे इस बार


Agra:

मौसम पर ला नीना का

असर, दिसंबर से फरवरी

तक पड़ेगी कड़ाके की ठंड

आगरा। पश्चिमी यूपी के साथ ही सम्पूर्ण उत्तर भारत , पश्चिम उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। भारतीय मौसम विभाग  की मानें तो दिसंबर से फरवरी तक का समय इन क्षेत्रों के लोगों पर काफी भारि पड़ने वाला है। इसका असर साफतौर पर आगरा में भी दिखने की संम्भवना है। पूर्वी भारत में भी इस साल ठंड लोगों के लिए मुश्किलों भरी होगी। यानी इस बार हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ सकती है।

बताया जाता है कि इंडोनेशिया और उसके आसपास के देशों में ला नीना के असर से इस बार बारिश औसत से अधिक हुई। इसका असर नवंबर में देखने को मिला और दिसंबर में ठंडा दिन और अत्यधिक ठंडा दिन रहने वाले हैं । भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि यह नहीं समझना चाहिए कि जलवायु परिवर्तन से तापमान में बढ़ोतरी होती है। सचाई यह है कि तापमान में बढ़ोतरी की वजह से मौसम अनियमित हो जाता है। उन्होंने कहा था कि शीत लहर की स्थिति के लिए ला नीना अनुकूल होता है। ला नीना के कारण समुद्र में पानी ठंडा होना शुरू हो जाता है। वैसे समुद्री पानी पहले से ही ठंडा होता है, लेकिन इसके कारण उसमें ठंडक बहुत बढ़ जाती है, जिसका असर हवाओं पर पड़ता है। वैसे आगरा से समुद्र तट काफी दूर है लेकिन राजस्थान में रेत के ठंडा होने और समुद्र किनारों से उसके नजदीक होने के साथ ही पहाड़ों पर पड़ने वाली बर्फ का असर आगरा में ज्यादा ही होता है। इसका असर आगरा में हमेशा देखा जाता है। ऐसे में आगरा में भी  कड़ाके की ठंड से इनकार नहीं किया जा सकता है। मौसम विभाग  ने कहा है कि दिसंबर से फरवरी तक के महीने में इस बार सुबह और रात में ठंड सामान्य से ज्यादा पड़ेगी, जबकि दिन के तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। मौसम विभाग ने तीन महीने के लिए जारी पूर्वानुमान में बताया है कि उत्तर-पूर्व भारत  और दक्षिण के कुछ तटीय इलाके में इस दौरान सामान्य से ज्यादा तापमान रह सकता है। महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि आने वाले समय उत्तर भारत  में कड़ाके की ठंड पड़ने की संम्भवना है। इसके अलावा कई इलाकों में शीतलहर भी चल सकती है।

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